ऑनलाइन गेम बजर   >  News trends  >  India highlights

ऑनलाइन गेम बजर

स्रोत: Nanfang Daily Online Edition     time: 2021-10-20 09:32:29

ऑनलाइन गेम बजर मराठी में खेल की जानकारी betway कानूनी है,fun88 यूएसए,lovebet 50/1 इंग्लैंड बनाम स्कॉटलैंड,lovebet आयरलैंड,lovebet टिप,3 स्लॉट मोबाइल फोन,बैकरेट बैंकर हेज,बैकरेट खिलाड़ी पूर्वानुमान,रुमेटोलॉजी विज्ञान के लिए सर्वश्रेष्ठ पांच एमसीक्यू,ऑनलाइन लॉटरी टिकट खरीदें,कैसीनो मून्स,शतरंज अगर मोहरा खोलना,क्रिकेट की किताबें पीडीफ़,क्रिकेटर जे पी यादव,यूरोपीय कप फाइनल स्कोर भविष्यवाणी,फ़ुटबॉल प्रसारण पूर्वावलोकन,जुआ और सट्टेबाजी फोरम,खुश किसान मेनू,अमर स्लॉट लवबेट,जैकपॉट कार्ड गेम,l'appli lovebet,लाइव फ़ुटबॉल स्कोर ऑनलाइन,लॉटरी मेगा लाखों,एम पोकर88,ऑनलाइन कैसीनो डेनमार्क,ऑनलाइन गेम वॉयस चेंजर,ऑनलाइन स्लॉट OLG,पोकर 4 कार्ड नियम,पोकर पीला,रूले प्रश्न और उत्तर,रम्मी सोना,फुटबॉल टीमों,स्लॉट कब खुलेगा,खेल से संबंधित प्रश्न,तीन पत्ती लिंक,लॉटरी फिल्म,वर्चुअल क्रिकेट लाइव स्कोर 5 ओवर,वाइल्डज़ विकिपीडिया,PG इलेक्ट्रोनिक,करीना हीरो,क्षत्रिय स्टेटस हिंदी,जैकपॉट का हिंदी अर्थ,पोकर कैसे खेलते है,बरसात होगी,रामी रेड्डी,स्टेटस बार, ,सिप में क्यों करना चाहिए लंबे समय तक निवेश

  


  

ऑनलाइन गेम बजर

  सिप में क्यों करना चाहिए लंबे समय तक निवेश

न्यूनतम निवेश की सीमा का कम होना, इंवेस्टमेंट में अनुशासन, रुपए की औसत लागत, कम्पाउडिंग की ताकत सिप में निवेश के प्रमुख फायदों में शामिल हैं.
जुजेर गबाजीवाला, निदेश, वेंचुरा सिक्योरिटीज


अधिकतर निवेशक इक्विटी फंड्स में निवेश करने के लिए सिस्टेमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान (सिप) को तरजीह देते हैं. हाल के समय में सिप को बहुत अधिक लोकप्रियता मिली है. इसकी वजह है कि इसके कई तरह के आम फायदों के बारे में लोग अवगत हो गए हैं.

न्यूनतम निवेश की सीमा का कम होना, इंवेस्टमेंट में अनुशासन, रुपए की औसत लागत, कम्पाउडिंग की ताकत सिप में निवेश के प्रमुख फायदों में शामिल हैं. साथ ही ज्यादा फायदा हासिल करने के लिए या घाटा कम करने के लिए मार्केट को टाइम करने की जरूरत नहीं होती है. मार्च, 2021 में सिप कलेक्शन 9,182 करोड़़ रुपये पर रहा.

यह सालाना आधार पर 6.3 फीसद की वृद्धि को दिखाता है. यह आंकड़ा इस बात को दिखाता है कि अधिक-से-अधिक निवेशक निवेश के लिए सिप का रुख कर रहे हैं. निवेशक जितने लंबे समय तक निवेश करेंगे, उन्हें उतना अधिक फायदा होगा. सिप में निवेश करने वाले निवेशकों को नीचे उल्लेखित बिंदुओं को भी ध्यान में रखना चाहिए.

होल्डिंग की औसत अवधि

अगर कोई निवेशक 20 साल तक निवेश करता है तो हर सिप के लिए होल्डिंग की औसत अवधि 10 साल होगी. इसकी वजह यह कि केवल आपकी सिप की पहली किस्त के भुगतान को 20 साल पूरे हुए हैं. वहीं, सिप की आपकी हालिया किस्त को एक महीने भी नहीं पूरा हुआ है.

ऐसे में अगर कोई व्यक्ति 20 साल से निवेश कर रहा है तो भी होल्डिंग की औसत अवधि केवल 10 साल होगी. ऐसे में निवेशक को होल्डिंग की औसत अवधि को ध्यान में रखना चाहिए. इंवेस्टमेंट की शुरुआत से होल्डिंग की अवधि की गणना नहीं करनी चाहिए.

कम्पाउंडिंग की ताकत

सिप के जरिए निवेश करने का एक फायदा यह है कि आप कम्पाउंडिंग की ताकत का लाभ उठा पाते हैं. लंबे समय तक निवेश किस प्रकार फायदेमंद होता है, इसे समझने के लिए आइए देखते हैं कि अलग-अलग अवधि के लिए हर महीने 10 हजार रुपये के निवेश पर कितना रिटर्न हासिल होता है.

juber-1.


हालांकि, निवेशक s के जरिए निवेश करना जारी रखते हैं लेकिन चिंता की बड़ी वजह यह है कि कई निवेशक समय से पहले अपनी s बंद करा देते हैं. समय से पहले निवेश बंद करने वालों में से कई समयावधि पूरी होने से पहले फंड निकाल लेते हैं.

ऐसा सामान्य तौर पर देखा जाता है कि लोग 7-10 साल तक निवेश के लक्ष्य के साथ में निवेश शुरू करते हैं लेकिन तीन-चार साल बाद बीच में ही उसे बंद करा देते हैं. निवेशकों के s में निवेश जारी नहीं रखने की कई वजहें हो सकती हैं. कुछ कारणों पर नीचे चर्चा की गई हैः

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव
आम तौर पर निवेशकों को बताया जाता है कि वे 10-15 साल बाद करीब 12-15 फीसद सालाना की दर से रिटर्न की उम्मीद कर सकते हैं. हालांकि, ये रिटर्न एक समान नहीं होते हैं (इसका मतलब है कि हम हर साल सकारात्मक रिटर्न की उम्मीद नहीं कर सकते हैं, जबकि फिक्स्ड डिपोजिट में हम ऐसा करते हैं.). इसकी वजह यहा है कि इक्विटी फंड्स में पर बाजार के उतार-चढ़ाव का असर पड़ता है.

इस तरह बाजार के ऊपर या नीचे होने से निवेशकों के फायदे में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है. इक्विटी फंड्स में निवेश से प्राप्त होने वाला रिटर्न कभी भी एकसमान नहीं होता है. अगर हम पिछले 20 कैलेंडर वर्ष में निफ्टी 50 के रिटर्न को देखें तो यह पता चलता है कि किसी निवेशक को सबसे ज्यादा 78 फीसद (2009) का रिटर्न हासिल हुआ था.

वहीं, -51.8 % (2008) का न्यूनतम रिटर्न प्राप्त हुआ था. इसी तरह बाजार के ऊपर या नीचे होने से रिटर्न पर भी असर देखने को मिलता है. किसी भी निवेशक के लिए इन रिटर्न्स की तुलना फिक्स्ड इनकम वाले फंड से करना सही नहीं होगा.

पा रदर्शिता और रिडेम्शन की आसान प्रक्रिया
म्यूचुअल फंड्स में इस बात को लेकर पारदर्शिता होती है कि किसी निवेशक का पैसा कहां निवेश हो रहा है. फंड्स का NAV दैनिक आधार पर उपलब्ध होता है और फंड्स का पोर्टफोलियो मासिक आधार पर अवेलेबल होता है. यह काफी लाभदायक होता है क्योंकि निवेशकों को इस बात की जानकारी होती है कि उनके रुपये का निवेश कहां हो रहा है.

दूसरी ओर, कई बार इस चीज की वजह से नुकसान भी उठाना पड़ता है क्योंकि कभी-कभी किसी खास कंपनी के बारे में नकारात्मक खबर से निवेशकों में घबराहट पैदा हो जाती है. कई बार तो लोग घबराहट में आकर बिकवाली में लग जाते हैं. बहुत संभव है कि NPS व ULIPS जैसे इंवेस्टमेंट के अन्य इंस्ट्रुमेंट्स में इन सिक्योरिटीज को होल्ड कर लिया जाए लेकिन इससे जुड़ी जानकारी सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध नहीं होती है.

म्यूचुअल फंड में आसानी से रिडमेप्शन (भुनाने) की सुविधा भी कई बार ड्रॉबैक (खामी) बन जाती है. चूंकि निवेशक आसानी से अपने निवेश को रिडीम कर सकते हैं इसलिए वे उम्मीद से थोड़ा भी कम रिटर्न देखते ही रिडेम्पशन का विकल्प तलाशने लगते हैं.

रिटर्न्स को लेकर अंसतोष
कई निवेशक अपनी s के रिटर्न से संतुष्ट नहीं होते हैं और सिस्टेमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान में निवेश बंद करने का निर्णय करते हैं. निवेशक शुरू करने के एक से दो साल के भीतर उस अवधि में प्राप्त होने वाले रिटर्न का मूल्यांकन करने लगते हैं. इस बिन्दु पर कई निवेशकों को लगता है कि उन्होंने निवेश को लेकर गलत फैसला किया है.

हालांकि, वह इस बात को नहीं समझते हैं कि दो साल की में होल्डिंग की औसत अवधि महज एक साल है. वे अपने निवेश के रिटर्न की तुलना अन्य स्टॉक या यहां तक कि निफ्टी या सेंसेक्स से करने लगते हैं. यह पूरी तरह से सेब और नारंगी के बीच तुलना करने जैसा है लेकिन तात्कालिक अनुभव सही नहीं होने के कारण अधिकतर कुछ और नहीं सुनना चाहते हैं.

कुछ निवेशक यह सोचकर म्यूचुअल फंड्स से कतराने लगते हैं कि उन्हें इन फंड्स में निवेश से बढ़िया रिटर्न नहीं मिलेगा. वहीं, कुछ निवेशक जल्दबाजी में निवेश जारी नहीं रखने का फैसला कर जाते हैं. अगर कोई निवेशक कम समय में निवेश जारी नहीं रखने का फैसला करता है तो वह बाद के वर्षों में होने वाले लाभ से वंचित रह जाता है.

हमारे आंतरिक रिसर्च के मुताबिक इक्विटी फंड्स (ग्रोथ ऑप्शन) में 20 साल पहले (जुलाई, 1999 से पहले) हर माह 10,000 का शुरू करने पर सभी फंड्स का औसत वैल्यू कुछ इस प्रकार होताः


juber-2.

हम ऊपर दी गई सारणी में देख सकते हैं कि अगर एक निवेशक 20 साल तक निवेश करता है तो सबसे अच्छे केस में निवेश में उसे 12.2 गुना और सबसे कमजोर रिटर्न वाले केस में 3.3 गुना रिटर्न हासिल होता है.

उतार-चढ़ाव और निगेटिव रिटर्न की प्रत्याशा (प्रोबेबलिटी)
यह आम तौर पर देखा गया है कि की अवधि बढ़ने पर निगेटिव रिटर्न और उतार-चढ़ाव की प्रत्याशा कम हो जाती है. इस चीज को बेहतर तरीके से समझने के लिए हमने कोटक फ्लैक्सीकैप फंड के उदाहरण पर गौर किया. यह फ्लैक्सी कैप फंड है और 10 साल से ज्यादा समय से मौजूद है. 21 फरवरी की तारीख तक इंडेक्स फंड्स को छोड़कर सभी ओपन-एंडेड इक्विटी फंड्स में इसका एयूएम सबसे ज्यादा है.


juber-3.


लाल रंग से चिह्नित सेल कोविड-19 महामारी के असर को दिखाते हैं, जो बहुत ही दुर्लभ और असाधारण मामला है.

ऊपर दी गई सारणी में हम यह देख सकते हैं कि निवेश की अवधि एक साल होने पर निगेटिव रिटर्न की संभावना बढ़ जाती है. जबकि अवधि के दो साल होते ही निगेटिव रिटर्न की गुंजाइश कम हो जाती है.

वहीं, अगर निवेश की अवधि तीन वर्ष या उससे ज्यादा रहती है तो वर्ष 2017-18 को छोड़कर निगेटिव रिटर्न देखने को नहीं मिलता है. एसआईपी की अवधि पांच साल से ज्यादा होते ही रिटर्न में सुधार देखने को मिलता है.

सिप में सफल निवेश का राज
आप यह समझ गए होंगे कि के जरिए निवेश करने पर आपको मार्केट को टाइम नहीं करना पड़ता है. लेकिन निवेशकों को एसआईपी को इतने लंबे वक्त के लिए अपनाना चाहिए ताकि आपके रिटर्न पर बाजार में तेजी या गिरावट का असर ना पड़े. वारेन बफे ने 11 साल की आयु में निवेश करना शुरू कर दिया था लेकिन 56 साल की आयु के होने के बाद ही वह अरबपति बने.




हिंदी में पर्सनल फाइनेंस और शेयर बाजार के नियमित अपडेट्स के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज. इस पेज को लाइक करने के लिए यहां क्लिक करें.
(Disclaimer: The opinions expressed in this column are that of the writer. The facts and opinions expressed here do not reflect the views of www.economictimes.com.)

टॉपिक

सिप के जरिए निवेशकोटक म्यूचुअल फंडनिवेशशेयर बाजारम्यूचुअल फंडशेयरों में निवेश

ETPrime stories of the day

How Srei lenders hid potential related-party transactions by routing them through public trusts
Under the lens

How Srei lenders hid potential related-party transactions by routing them through public trusts

10 mins read
Realty boom, capex cycle, Unitech’s fall: what pro-cyclical investors can learn from the past
Investing

Realty boom, capex cycle, Unitech’s fall: what pro-cyclical investors can learn from the past

14 mins read
Lilly withered in India’s blooming diabetes market. Key deficiency: an India-specific sales pitch.
Pharma

Lilly withered in India’s blooming diabetes market. Key deficiency: an India-specific sales pitch.

9 mins read


Relevant reports:ऑनलाइन फुटबॉल खेल क्या हैं
Relevant reports:मी फुटबॉल शेड्यूल
Relevant reports:जंगली rummy
Relevant reports:लियोवेगैस इंडिया ऐप डाउनलोड
Relevant reports:खुश किसान प्रयोगशाला
Relevant reports:बैकरेट तकनीक
Relevant reports:बैकारेट ग्लास
Relevant reports:बैकरेट ब्लू शील्ड
Relevant reports:रानी लॉटरी परिणाम
Relevant reports:टीआरए फुटबॉल क्लब
Relevant reports:एचएससी 2020 के लिए पांच में से सर्वश्रेष्ठ है
Relevant reports:ऑनलाइन कैसीनो म्यांमार
Relevant reports:तीन पत्ती कास्ट
Relevant reports:lovebet दा पारा गंहर दिनहिरो
Relevant reports:लाटरी इन दिल्ली
Relevant reports:lovebet 1xगेम
Relevant reports:ऑनलाइन स्लॉट गुरु

【font:large in Small
प्रतिलिपि अधिकार: दक्षिण न्यूज नेटवर्कगुआनडोंग आईसीपी तैयार 05070829 website identification code 4400000131
Sponsor: नान्फांग न्यूज़र नेटवर्क co sponsor: Provincial Economic and Information Technology Commission contractor: Nanfang news network
1024 is recommended × Browser with 768 resolution above IE7.0